क्या आप जानते हैं कि लेदर (चमड़े) और लेदरेत (कृत्रिम चमड़े) में क्या अंतर है?

लेदर (चमड़े) और लेदरेत (कृत्रिम चमड़े) दोनों बहुत ही सामान्य वस्तु है, यह फर्नीचर और बैग बनाने में प्रयोग किये जाते हैं। लेदरेत (कृत्रिम चमड़े) को खास इसलिए ही डिजाइन किया गया है ताकि हम लेदर (चमड़े) का प्रयोग (चलन) कम कर सकें।

लेदर (चमड़े) की खासियत यह है कि यह बहुत टिकाऊ और लचीला होता है। चमडा को जानवरों की खाल (चमड़ी) से बनाया जाता हैं। परंतु लेदरेत (कृत्रिम चमडा)हमारी जेब को राहत देने में मदद करता है अर्थात लेदरेत, लेदर के मुकाबले काफी सस्ता होता है।

पर लेदर धूप की किरणों से कभी फीका नहीं पडता। असली चमडा बहुत ही मुलायम होता है और इसके साथ ही यह बहुत ही लंबे समय तक इस्तेमाल भी किया जा सकता हैं, पर यह बात भी नजर अंदाज नहीं की जा सकती कि लेदर का सुख पाना सब के बस की बात नहीं है क्योंकि यह बहुत ही मंहगा होता है।

लेदर या लेदरेतजानिये, कौन है जयादा किफायती

लेदर

1.लेदर को जानवरों की खाल(चमड़ी) से बनाया जाता हैं।

2.लेदर बहुत ही टिकाऊ होता है, हम इसे दस पंद्रह साल तक आराम से प्रयोग कर सकते हैं पर समय के साथ यह फीका पड़ जाता हैं।

3.लेदर बहुत कम प्रकार के होते हैं, यह ज्यादातर भूरे या काले रंग में पाया जाता हैं, कभी कभार सफेद लेदर भी देखा जाता हैं।

4.हमे इसे धोने की आवश्यकता नहीं होती।

5.लेदर को बहुत ज्यादा रख रखाव की आवश्यकता होती हैं ताकि हम इनहे समय के साथ फीका पडने से बचा सकें।

6.लेदर के फर्नीचर और कपडों की की, लेदरेत के मुकाबले दुगनी होती हैं जो हमारी जेब को भारी नुकसान पहुंचा सकतीं है।

7.यदि आप गर्म इलाकों में रहते हैं तो लेदर आपके लिए एक बेहतर पंसद मानी जा सकती हैं।

लेदरत

1.लेदरेत एक संश्लिष्ट कपड़े की तरह होता है। इसे बनावटी चमडा भी कहा जाता हैं।

2.यह जेब को राहत देने में सफल होता है, यदि हम लेदर की बात करें तो उनकी कीमत लेदरेत के मुकाबले बहुत ज्यादा होती हैं।

3.लेदरेत, लेदर के मुकाबले में कम टिकाऊ होता है, पर यह जलरोधक भी होता है।

4.लेदरेत बहुत सारे रंगों में उपलब्ध होते हैं और इन्हें अपने मनपसंद रंगों में रंगवाया भी जा सकता हैं।

5.इनहे कम रख रखाव की आवश्यकता होती है, सिर्फ एक बार धोने से यह बिलकुल नये जैसे हो जाते हैं।

6.लेदरेत से बने हुए बैग, जूते और फर्नीचर ससते दामो में उपलब्ध होते हैं।

हमें लेदर और लेदरेत में से किसे चुनना चाहिए, यह हमारी फर्नीचर की जरूरतों पर निर्भर करता है।

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